• कश्मीर में बर्फीले तूफान की तीसरी घटना
  • 18 और 30 नवंबर के तूफान में 6 शहीद

जम्मू-कश्मीर में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से सेना के दो जवान लापता बताए जा रहे हैं. कुपवाड़ा जिले के तंगधार और गुरेज में आए बर्फीले तूफान में दो जवान लापता हो गए हैं. लापता दोनों जवानों को बचाने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. कश्मीर में बर्फीले तूफान की सेना के जवानों के चपेट में आने की यह तीसरी घटना है. इससे पहले दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में 18 और 30 नवंबर को आए तूफान की चपेट में आने से 6 जवान शहीद हो चुके हैं.

30 नवंबर को दो जवान शहीद

सियाचिन में 30 नवंबर को एवलांच (बर्फीला तूफान) की चपेट में आने से भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए थे. दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर में 18 हजार फुट की ऊंचाई पर सेना की पेट्रोलिंग पार्टी बर्फीले तूफान की चपेट में आ गई.

एवलांच रेस्क्यू टीम (एआरटी) तुरंत हरकत में आई और पेट्रोलिंग पार्टी के सभी सदस्यों को बाहर निकालने में कामयाब रही. इसी बीच सेना के हेलिकॉप्टर्स के जरिए जवानों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. लेकिन मेडिकल टीम के सभी प्रयासों के बावजूद सेना के दो जवानों की जान नहीं बचाई जा सकी.

तूफान का सिलसिला

सियाचिन ग्लेशियर में 18 नवंबर को भी भारतीय सेना की पोस्ट बर्फीले तूफान की चपेट में आ गई थी. इस घटना में 4 जवान शहीद हो गए थे, जबकि दो स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई. उस दिन 8 सदस्यों की पेट्रोलिंग टीम तूफान में फंसी थी.

रेस्क्यू टीम ने तूफान में फंसे 8 सदस्यों को बाहर निकाल लिया, जिसमें 4 जवान इलाज के दौरान शहीद हो गए थे. मृतकों में दो स्थानीय लोग भी शामिल थे. बर्फीला तूफान नॉर्दन ग्लेशियर में आया, जहां ऊंचाई लगभग 18,000 फीट और उससे अधिक है. जिन जवानों को बर्फीले तूफान का सामना करना पड़ा, वे पेट्रोलिंग पार्टी का हिस्सा थे. इसमें 8 जवान थे और जब बर्फीला तूफान आया तो ये जब नॉर्दन ग्लेशियर में मौजूद थे.

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