• फाउंडर रेन झेंगफे की बेटी को अमेरिका के कहने पर कनाडा ने पिछले साल गिरफ्तार किया था
  • झेंगफे की बेटी मेंग वांगझू हुवावे की सीएफओ हैं, अमेरिका का आरोप- हुवावे ने ट्रेड सीक्रेट चुराए
  • अमेरिका-चीन के बीच पिछले साल मार्च से ट्रेड वॉर चल रहा, अमेरिका हुवावे को बैन भी कर चुका 

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2019, 04:02 PM IST

शेनझेन (चीन). हुवावे के फाउंडर और सीईओ रेन झेंगफे का कहना है कि उनकी बेटी मेंग वांगझू अमेरिका-चीन के ट्रेड वॉर में बारगेनिंग चिप (सौदेबाजी का जरिया) बन गई, ये गर्व की बात है। झेंगफे ने कहा कि मेंग जिन मुश्किलों से गुजर रही है, उनसे वह मजबूत बनेगी। उसकी ग्रोथ के लिए भी अच्छा रहेगा। वह दो बड़ी ताकतों के झगड़े में उलझी चींटी की तरह है। झेंगफे ने अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में ऐसा कहा। बता दें मेंग हुवावे की सीएफओ हैं, अमेरिका के कहने पर कनाडा में पिछले साल एक दिसंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। वे जमानत पर हैं, लेकिन नजरबंद हैं।

मुश्किल दौर में बेटी से रिश्ता और मजबूत हुआ: झेंगफे

  1. झेंगफे ने बताया- बेटी का ज्यादातर वक्त पेंटिंग और पढ़ाई में गुजर रहा है। मां और पति उससे मिलने कनाडा जाते रहते हैं। मुश्किल हालातों में बेटी से मेरा रिश्ता और मजबूत हो गया। पहले की तुलना में अब उससे ज्यादा चैट होने लगी है। वह मुझे मजेदार कहानियां भेजती है। जबकि, पहले ये हालत थी कि कई बार साल भर तक उसका कोई कॉल या मैसेज नहीं आता था।

  2. अमेरिका ने मेंग और हुवावे पर बैंक फ्रॉड, ट्रेड सीक्रेट चुराने और ईरान पर प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। वह मेंग के प्रत्यर्पण की कोशिश में है। इस मामले में कनाडा की अदालत में सुनवाई होना बाकी है। हालांकि, मेंग और हुवावे अमेरिका के आरोपों को गलत बता चुके हैं। मेंग अमेरिका की प्रत्यर्पण अपील को अगले महीने चुनौती देंगी।

  3. मेंग की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका-चीन के बीच तनाव और बढ़ गया था। अमेरिका ने इस साल हुवावे पर प्रतिबंध भी लगा दिए। उसका कहना है कि कंपनी के उपकरणों से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। अमेरिका को लगता है कि हुवावे के फाउंडर झेंगफे की चीन की सरकार से नजदीकियां हैं, इसलिए उनकी कंपनी जासूसी कर सकती है। हालांकि, झेंगफे और हुवावे अमेरिका के सभी आरोपों को खारिज कर चुके हैं। हुवावे दुनिया की दूसरी बड़ी स्मार्टफोन कंपनी भी है।

  4. इस महीने के आखिर में अमेरिका-चीन के बीच पहले चरण की ट्रेड डील हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मई में कहा था कि चीन से बातचीत में हुवावे को भी शामिल कर सकते हैं।

  5. रेन झेंगफे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी हैं। वे 20 साल तक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में थे। बताया जाता है कि उन्होंने सेना के टेक्नोलॉजी डिवीजन में भी काम किया था। रेन ने 1987 में हुवावे की शुरुआत की थी। वे अपनी बेटी मेंग को उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार कर रहे हैं।



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