प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दूसरे की जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण कर प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक मोर जमीन मोर मकान का उपयोग करते हुए मकान बनाने का मामला सामने आया है।

अतिक्रमण को लेकर विवाद न्यायालय में विचाराधीन रहा। बावजूद सरकारी महकमे ने लापरवाही बरती। प्रस्ताव की स्वीकृति कर संबंधित हितग्राही को 2.26 लाख रुपए भी जारी कर दिए। इसके आधार पर आवास का निर्माण भी शुरू कर दिया गया। कोर्ट से आदेश के बाद इसे तोड़ा गया।

नगर पंचायत अफसरों की बड़ी लापरवाही

खुलासे के बाद सीएमओ ने जांच के निर्देश दिए। इधर तहसीलदार सत्येंद्र बघेल की मौजूदगी में मकान तोड़ा। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि दुर्गी पति रमेश साहू के नाम से आवास की स्वीकृति थी

मुझे जानकारी नहीं

सोमवार को कोर्ट के आदेश के बाद तोड़ा गया मकान।

मैने नहीं जारी किया नक्शा

मुझे जानकारी मिली है



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