पहाड़ मंदिर से आगे चिटकाकानी गांव में मुख्य मार्ग पर एनटीपीसी रेल लाइन के लिए बना रेलवे ओवरब्रिज दो महीने में ही जर्जर हो गया है। एनटीपीसी ने अपनी कंस्ट्रक्शन विंग राइट्स की मदद से यह आरओबी बनवाया है। ब्रिज पर आवागमन जुलाई के आखिर में ही शुरू हुआ है। ब्रिज और उसकी पैराफिट वाल (किनारे की दीवार) पर दरार आ गई है, सड़क 4 इंच तक धंस गई है। अफसर भी आरओबी देखने के बाद ब्रिज पर आवागमन तुरंत रोकने की बात कह रहे हैं।

निर्माण एजेंसी कौन है, कितना खर्च किया है, जांच में लापरवाही पाई तो क्या कार्रवाई की, इन बातों का जवाब अफसर नहीं दे रहे हैं। चिटकाकानी के पास एनटीपीसी के लिए गई रेललाइन पर लगभग 900 मीटर लंबा आरओबी बना है। आरओबी को आम लोगों के लिए दो महीने पहले ही खोला गया था। मगर ब्रिज अभी से जर्जर होना शुरू हो गया है। आरओबी की रोड पूरी तरह से उखड़ चुकी है। आरओबी के किनारे में पैराफिट वॉल अभी से धसकने लगी है, पिछले हफ्ते अफसरों ने इसे देखने के बाद संबंधित इंजीनियर को फटकार लगाई है।

एक्सपर्ट के मुताबिक ये हैं कारण. एक्सपर्ट सड़क खराब होने की पीछे उसके गुणवत्ता के खराब होने की बात कह रहे हैं। सड़क दबने और पैराफिट वॉल में दरार पड़ने का कारण फाउंडेशन कमजोर होना और मिट्‌टी का कॉम्पेक्शन मापदंडों के मुताबिक न करना है।

क्रास तो लगा दिया मगर बात करने से कतरा रहे

ब्रिज की पैराफिट वाल पर क्रॉस के निशान लगाए गए हैं। जानकारों के मुताबिक ऐसा क्रॉस निर्माण की क्वालिटी खराब होने या फिर संबंधित ऑब्जेक्ट को रिजेक्ट बताने के लिए किया जाता है। इस मामले में जब रेलवे अफसर से बात करनी चाही गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

बात हुई पर कुछ कहा नहीं

भास्कर ने आरओबी के खराब होने के संबंध में जानकारी लेते अफसरों से बात की। एनटीपीसी में रेलवे अफसर अभिरूप अवस्थी, नंदू (खुद को राइट्स का कर्मचारी बताया), पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड ईई आर के दीवान से बात की पर जानकारी किसी ने नहीं दी।

आप पूर्वी छोर से आएं तो यह दिखेगा

जानकारी सोमवार को दे सकूंगा

चिटकाकानी के पास एनटीपीसी की रेल लाइन पर बना है

रेलवे ओवर ब्रिज



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