• रमन की सुरक्षा जेड प्लस से अब जेड श्रेणी की, अमित समेत कई पूर्व विधायकों की सुरक्षा वापस
  •  दिल्ली जो रास्ता दिखा रही है, उस पर चल रहे हैं – टीएस सिंहदेव

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2019, 05:18 AM IST

रायपुर . केंद्र सरकार द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और  उनके परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी बुधवार को बड़ा फैसला किया। इसके मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समेत उनकी पत्नी, बेटी, बेटे-बहू और 29 नेता-अफसरों के सुरक्षा घेरे में बड़ी कटौती कर दी है। प्रोटेक्शन रिव्यू ग्रुप की सिफारिश पर रमन और अभिषेक सिंह के लिए जेड प्लस के बजाए जेड सुरक्षा का घेरा होगा। यानी रमन सिंह अब 32 नहीं 22 जवानों के घेरे में रहेंगे। वहीं उनकी पत्नी वीणा सिंह को जेड के बजाए एक्स श्रेणी की पात्रता होगी, तो उनकी बहू एेश्वर्या और बेटी डाॅ. अस्मिता गुप्ता की एक्स श्रेणी की सुरक्षा हटा ली गई है। उप सचिव गृह एनडी कुंदनानी द्वारा जारी आदेशानुसार पिछले माह चित्रकोट से चुने गए विधायक राजमन बेंजाम अब जेड सुरक्षा में रहेंगे। यानी उनकी सुरक्षा में 22 सशस्त्र जनाव तैनात रहेंगे। चित्रकोट के ही दो पूर्व विधायकों लच्छूराम और बैदूराम कश्यप की जेड सुरक्षा बनी रहेगी। इसी तरह से बिंद्रानवागढ़ से बीजेपी विधायक डमरुधर पुजारी वाई प्लस, महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू और विधायक डोंगरगढ़ दलेश्वर साहू वाई केेटेगरी की सुरक्षा में रहंेगे। ये तीनों ही इलाके नक्सल प्रभावित ओडिशा व महाराष्ट्र की सीमा से लगे हैं। 

केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, कांकेर के पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, सेवकराम नेताम,पूर्व विधायक भानुप्रतापुर ब्रह्मानंद नेताम को उपलब्ध वाई प्लस और मंत्री शिव डहरिया और विधायक बृजमोहन अग्रवाल को दी गई वाई सुरक्षा जारी रहेगी। इनके अलावा पूर्व सीएम रमन सिंह और बेटे अभिषेक सिंह की जेड प्लस की सुरक्षा कम करते हुए केवल जेड, पूर्व विधायक गोवर्धन मांझी की जेड सुरक्षा अब नहीं मिलेगी। उन्हें वाई प्लस का घेरा दिया गया है। वीणा सिंह का भी अब जेड नहीं एक्स श्रेणी का घेरा होगा। पूर्व विधायक पिंकी शाह भी अब वाई प्लस के बजाए वाई, पूर्व डीजीपी एएन उपाध्याय भी वाई के बजाए एक्स श्रेणी के घेरे में रहेंगे। 
वहीं पूर्व सीएम की पुत्र वधु एेश्वर्या अभिषेक सिंह, पुत्री डाॅ. अस्मिता सिंह गुप्ता को दी जा रही एक्स श्रेणी की सुरक्षा हटा लिया गया है। पूर्व विधायक अमित जोगी को सुरक्षा न देने का फैसला किया गया है। अमित को फिलहाल कोई सुरक्षा नहीं दी जा रही है। हालांकि अमित ने पिछले दिनों सुरक्षा देने की मांग की थी।

मुझे सुरक्षा की जरूरत नहीं
 सरकार द्वारा 11 साल पुरानी सुरक्षा हटाने पर पूर्व विधायक अमित जोगी ने कहा कि जब तक कोई भी सच्चे मन से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करेगा, उसका बाल बांका नहीं हो सकता। सुरक्षा की जरूरत मुझे नहीं बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को है। न केवल मेरे तीन सुरक्षाकर्मी बल्कि प्रदेश में अन्य सभी के सुरक्षाकर्मी को हटाकर प्रदेश के पूरे सुरक्षा महकमे को सरकार को जन आक्रोश से बचाने के लिए लगाना चाहिए। 

ये है दोनों में अंतर
जेड प्लस     जेड 

 32 जवान     22
 घर में मेटल डिटेक्टर    नहीं
{पायलट व फालो    फालो नहीं

दो नेताओं की सुरक्षा का आंकलन केंद्र करेगा
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष बीजापुर जमुना संकनी और सुकमा मरईगुड़ा के सरपंच हपका मारा की सुरक्षा केटेगरी बढ़ाने का प्रस्ताव है। अभी जमुना को वाई प्लस और हपका को एक्स श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। प्रदेश सरकार ने केंद्रीय आईबी से रिव्यू करने की सिफारिश भेजी है। 

सुरक्षा सरकार के जिम्मे
 सुरक्षा में कितनी कटौती की गई, इसका मुझ पर फर्क नहीं पड़ता। मैं अपने दौरे और कार्यक्रम जारी रखूंगा। मेरी सुरक्षा देखना सरकार का काम है। – डाॅ. रमन िसंह, पूर्व सीएम

िदल्ली के रास्ते पर चल रहे 
 दिल्ली जो रास्ता दिखा रही है, उस पर चल रहे हैं। दिल्ली ने एहसास कराया कि देश का वातावरण अच्छा हो रहा है। अब लोगों को सुरक्षा की जरूरत कम है। हमें भी केंद्र सरकार से सीखना पड़ता है। -टीएस िसंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री



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