भास्कर न्यूज|नई दिल्ली/मुंबई/जयपुर/पटना/भोपाल

4 सितंबर को रेवाड़ी (हरियाणा) के कोसली में पुलिस वाहनों के कागजातों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान वहां से एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक गुजरे। चेकिंग चल रही थी तो भागना चाहा। पुलिस ने आठ किलोमीटर पीछा कर युवकों को पकड़ा और 27 हजार रुपए का चालान काटा। यह तो एक बानगी है। एक सितंबर 2019 से लागू नए मोटर व्हीकल एक्ट-2019 के बाद पूरे देश में गाड़ियों के चालान कटने की चर्चा है। देश के अलग-अलग शहरों में लाइसेंस बनवाने से प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने के लिए लंबी-लंबी लाइने लगी हैं। भास्कर ने इस मामले की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। भास्कर ने 10 राज्यों के डेटा को खंगाला तो पता चला कि शुरुआती 15 दिनों में इन राज्यों में 5.5 लाख लोगों ने अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया है। वहीं इस दौरान कागजातों की कमी के चलते कुल 10.5 लाख से ज्यादा चालान काटे गए हैं। एक तरफ जहां देश में नए कानून के बाद चालान की संख्या में तेजी आई है वहीं दिल्ली में चालान कटना कम हो गए हैं। दिल्ली में इस माह एक से 15 सितंबर के बीच 77,320 चालान काटे गए, जबकि बीती 16 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक 3,59,042 चालान काटे गए थे। यानी कानून लागू होने के 15 दिनों में चालान कटने की संख्या 78.84 फीसदी कम हो गई। लोग अब प्रदूषण सर्टिफिकेट को लेकर भी जागरुक हो रहे हैं। केवल उत्तर प्रदेश में एक से 15 सितंबर के बीच 2 करोड़ 23 लाख लोगों ने अपनी गाड़ियों में प्रदूषण स्तर की जांच करवाई है। यही नहीं इस दौरान इंश्योरेंस की बिक्री में भी तेजी आई है। अगस्त महीने की तुलना में एक सितंबर से 15 सितंबर तक बीमा की बिक्री करीब दोगुनी तक बढ़ गई है। बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस (मोटर बिजनेस) के प्रेसिडेंट और कंट्री हेड गुरनीश खुराना कहते हैं कि नए नियमों के बाद अचानक वाहन बीमा बाजार में तेजी आई है। पिछले माह की तुलना में अभी थर्ड पार्टी बीमा की बिक्री दोगुनी तक बढ़ गई है। ऑनलाइन बिक्री में भी तेजी आई है क्योंकि बीमा खरीदने का ये सबसे सरल तरीका है। उन राज्यों में भी बीमा की बिक्री बढ़ी है जहां अभी नए कानून को लागू नहीं किया गया है। लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस के सीईओ और निदेशक रुपम अस्थाना कहते हैं कि बिना किसी सख्त कानून की कमी से लंबे समय में बड़ी संख्या में दो पहिया वाहन सड़कों पर दौड़ रहे थे, इन्होंने भी अब बीमा खरीदना शुरू कर दिया है। सरकारी कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी सिद्धार्थ प्रधान कहते हैं कि इस माह की शुरुआत में हमने बीमा बिक्री में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखी है।

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अधिकांश पॉलिसी दो पहिया वाहन के लिए खरीदी जा रही हैं। एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के सीईओ रितेश कुमार कहते हैं कि पिछले महीने की तुलना में नए नियमों के शुरुआती 15 दिनों में दो पहिया वाहनों के थर्ड पार्टी इश्योरेंस में 500 फीसदी तक वृद्धि हुई है। देश में अभी मोटर इंश्यारेंस का बाजार 65000 करोड़ रुपए का है। करीब 25 कंपनियां इस व्यवसाय से जुड़ी है।

पढ़िए राज्यों की स्थिति और रोचक किस्से

सर्वाधिक चालान यूपी में हुए

राज्य चालान कटे लाइसेंस बने प्रदूषण सर्टि.

हरियाणा 20,000 —

उ.प्रदेश 807510 405127 2.23 करोड़

राजस्थान 95,182 45533 3,29,965

पंजाब 35600 7234 —

मध्यप्रदेश 5549 20,950 —

बिहार 5181 11154 11,132

झारखंड — 2288

दिल्ली 77320 41324 7,63,082

छत्तीसगढ़ 12245 19408 6,087

गुजरात — — 90,000

(आंकड़ा 1 से 15 सितंबर तक), स्रोत: आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस।

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4 सितंबर को रेवाड़ी (हरियाणा) के कोसली में पुलिस वाहनों के कागजातों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान वहां से एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक गुजरे। चेकिंग चल रही थी तो भागना चाहा। पुलिस ने आठ किलोमीटर पीछा कर युवकों को पकड़ा और 27 हजार रुपए का चालान काटा। यह तो एक बानगी है। एक सितंबर 2019 से लागू नए मोटर व्हीकल एक्ट-2019 के बाद पूरे देश में गाड़ियों के चालान कटने की चर्चा है। देश के अलग-अलग शहरों में लाइसेंस बनवाने से प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने के लिए लंबी-लंबी लाइने लगी हैं। भास्कर ने इस मामले की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। भास्कर ने 10 राज्यों के डेटा को खंगाला तो पता चला कि शुरुआती 15 दिनों में इन राज्यों में 5.5 लाख लोगों ने अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया है। वहीं इस दौरान कागजातों की कमी के चलते कुल 10.5 लाख से ज्यादा चालान काटे गए हैं। एक तरफ जहां देश में नए कानून के बाद चालान की संख्या में तेजी आई है वहीं दिल्ली में चालान कटना कम हो गए हैं। दिल्ली में इस माह एक से 15 सितंबर के बीच 77,320 चालान काटे गए, जबकि बीती 16 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक 3,59,042 चालान काटे गए थे। यानी कानून लागू होने के 15 दिनों में चालान कटने की संख्या 78.84 फीसदी कम हो गई। लोग अब प्रदूषण सर्टिफिकेट को लेकर भी जागरुक हो रहे हैं। केवल उत्तर प्रदेश में एक से 15 सितंबर के बीच 2 करोड़ 23 लाख लोगों ने अपनी गाड़ियों में प्रदूषण स्तर की जांच करवाई है। यही नहीं इस दौरान इंश्योरेंस की बिक्री में भी तेजी आई है। अगस्त महीने की तुलना में एक सितंबर से 15 सितंबर तक बीमा की बिक्री करीब दोगुनी तक बढ़ गई है। बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस (मोटर बिजनेस) के प्रेसिडेंट और कंट्री हेड गुरनीश खुराना कहते हैं कि नए नियमों के बाद अचानक वाहन बीमा बाजार में तेजी आई है। पिछले माह की तुलना में अभी थर्ड पार्टी बीमा की बिक्री दोगुनी तक बढ़ गई है। ऑनलाइन बिक्री में भी तेजी आई है क्योंकि बीमा खरीदने का ये सबसे सरल तरीका है। उन राज्यों में भी बीमा की बिक्री बढ़ी है जहां अभी नए कानून को लागू नहीं किया गया है। लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस के सीईओ और निदेशक रुपम अस्थाना कहते हैं कि बिना किसी सख्त कानून की कमी से लंबे समय में बड़ी संख्या में दो पहिया वाहन सड़कों पर दौड़ रहे थे, इन्होंने भी अब बीमा खरीदना शुरू कर दिया है। सरकारी कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी सिद्धार्थ प्रधान कहते हैं कि इस माह की शुरुआत में हमने बीमा बिक्री में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखी है।

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अधिकांश पॉलिसी दो पहिया वाहन के लिए खरीदी जा रही हैं। एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के सीईओ रितेश कुमार कहते हैं कि पिछले महीने की तुलना में नए नियमों के शुरुआती 15 दिनों में दो पहिया वाहनों के थर्ड पार्टी इश्योरेंस में 500 फीसदी तक वृद्धि हुई है। देश में अभी मोटर इंश्यारेंस का बाजार 65000 करोड़ रुपए का है। करीब 25 कंपनियां इस व्यवसाय से जुड़ी है।

हेलमेट की जगह बर्तन पहनकर निकले, उधार लेकर भरा जुर्माना

 हेल्मेट की जगह कई लोगों ने बर्तन (तपेली) का इस्तेमाल किया। पहले दिन अहमदाबाद सहित आणंद और जेतपुर में ऐसा हुआ।

 यहां भी कई रोचक मामले हुए। भोपाल में जिला न्यायालय ने एक वाहन मालिक पर साढ़े 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जज ने कहा तुम जुर्माना चुकाने के लिए एक दिन का समय ले सकते हो। बुजुर्ग ने कहा कि गाड़ी तो आज ही ले जाऊंगा। उन्होंने उधार लेकर चालान भरा।

 रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। 200 बाइक वालों को रोका गया था। इसी बीच पीसीआर की गाड़ी वहां पहुंची। पीसीआर के ड्राइवर और एएसआई ने भी सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। लोग भड़क गए। खूब हंगामा हुआ।

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शेष|पेज 10 पर

अधिकांश पॉलिसी दो पहिया वाहन के लिए खरीदी जा रही हैं। एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के सीईओ रितेश कुमार कहते हैं कि पिछले महीने की तुलना में नए नियमों के शुरुआती 15 दिनों में दो पहिया वाहनों के थर्ड पार्टी इश्योरेंस में 500 फीसदी तक वृद्धि हुई है। देश में अभी मोटर इंश्यारेंस का बाजार 65000 करोड़ रुपए का है। करीब 25 कंपनियां इस व्यवसाय से जुड़ी है।



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