• कश्मीर में हालात बिल्कुल सामान्य हैं-अमित शाह
  • सारे सरकारी दफ्तरों में चल रहा है सुचारू रूप से काम

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर को लेकर कई बयान दिए. उन्होंने वहां के हालात पर भी बयान दिए. अमित शाह कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के सवालों का जवाब दे रहे थे, तो विपक्ष की ओर से हंगामा किया गया. जानिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति पर राज्य सभा में दिए बयान की महत्वपूर्ण बातें.

1. कश्मीर में हालात बिल्कुल सामान्य हैं. कश्मीर में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर है. वहां सभी स्कूल, अस्पताल, अदालत से लेकर सारे सरकारी दफ्तर सुचारू रूप से काम कर रहे हैं.

2. इसी सदन में कहा गया था कि विशेष राज्य का दर्जा छिनने के बाद जम्मू-कश्मीर में खून की नदियां बहेंगी, लेकिन आज हमें यह बताने में आनंद हो रहा है कि 5 अगस्त के बाद से अब तक पुलिस फायरिंग में वहां एक भी नागरिक की जान नहीं गई है. 5 अगस्त के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में काफी कमी आई है. पिछले साल इसी अवधि तक 802 पत्थरबाजी की घटनाएं हुई थीं लेकिन इस साल अब तक 544 घटनाएं हुईं.

3. सभी 93,247 लैंडलाइन कनेक्शन चालू हो चुके हैं. 59 लाख मोबाइल चालू हैं.

4. जहां तक बात इंटरनेट सर्विस की है तो वक्त आने पर यह बहाल हो जाएगी, फिलहाल आवश्यक कार्यों के लिए 10 जिलों में टर्मिनल्स काम कर रहे हैं.

5. घाटी में दवाइयों की कोई कमी नहीं है और वहां सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं. ‘दवाइयों की मोबाइल वैन’ का भी संचालन हो रहा है. श्रीनगर शहर के अस्पतालों के ओपीडी में सितंबर महीने में 7 लाख 67 हजार जबकि अक्टूबर महीने में 7 लाख 91 हजार मरीजों का इलाज हुआ.

6. अगर किसी को भी किसी इलाके में स्वास्थ्य सुविधा में कोई कमी का पता चलता है तो वह सीधे उन्हें (शाह को) बता सकते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी. गृह मंत्री के आश्वासन पर पीडीपी सांसद ने भी मेज थपथपाकर धन्यवाद दिया.

7. हम भी माननीय सदस्य की चिंता से सहमत हैं कि कश्मीर में इंटरनेट जल्द से जल्द पूरी तरह से बहाल हो. हालांकि, मैं याद दिलाना चाहूंगा कि 1995-96 में देश में मोबाइल फोन आया, लेकिन कश्मीर में इसकी शुरुआत 2003 में ही हो सकी. सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट बंद है.

8. सुरक्षा की कुछ चिंताएं हैं इस कारण इंटरनेट सुविधा बहाल नहीं की जा रही. स्थानीय प्रशासन की ओर से जब भी स्थिति अनुकूल होगी इंटरनेट सुविधा फिर से बहाल कर दी जाएगी.

9. जम्मू-कश्मीर के 20,411 स्कूल खुले हैं और सुचारू रूप से परीक्षा चल रही है. 11वीं कक्षा के 50,537 विद्यार्थियों में से 50,272 यानी 99.48% ने परीक्षा दी है. 10वीं और 12वीं के 99.7% विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है.

10. सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लगाए गए सारे प्रतिबंध सभी 195 थाना क्षेत्रों से हटाए जा चुके हैं.

11. पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, केरोसिन और चावल की खपत पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 8% से 16% तक बढ़ी है.

12. सेब की फसल सुचारू रूप से चल रही है. इस वर्ष कुल 22.58 लाख मिट्रिक टन सेब की उपज की संभावना है. इसमें भारी मात्रा में सेब बाहर निकल चुके हैं. नाफेड ने भी 6 हजार टन से ज्यादा सेब खरीदा है.

13. ऊर्दू, अंग्रेजी के सभी अखबार और सभी टीवी चैनल चालू हैं. बैंकिंग सुविधा पूरी तरह से चालू है. शुरू के तीन दिन छोड़कर एक दिन भी क्लियरिंग बंद नहीं रहा.

14. घाटी के अधिकांश इलाकों में हर दिन अधिकांश दुकानें सुबह और शाम खुलती हैं. सभी सरकारी दफ्तर और अदालतें काम कर रही हैं. लोगों ने हाई कोर्ट में नए 36,192 केस दर्ज करवाए हैं जबकि 52 हजार केसों में फैसले सुना दिए गए हैं.

15. अक्टूबर में 316 में से 307 ब्लॉक डिवेलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के चुनाव हुए जिनमें 98.3% वोटिंग हुई.

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