कश्मीर राग अलाप रहे पाकिस्तानी आपस में भिड़ गए हैं। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बिलावल भुट्टो को उनके सिंधुदेश और पख्तुनिस्तान के बयान की आलोचना की है।

इस्लामाबाद, आइएएनएस। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिए पूरे विश्व में गिड़गिड़ा चुका है। उसे विश्व के हर पटल पर मुंह की खानी पड़ी है। इससे हताश पाकिस्तानी अब अपने घर में ही भिड़ गए हैं। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बिलावल भुट्टो को उनके सिंधुदेश और पख्तुनिस्तान के बयान की आलोचना की है। गौरतलब है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल ने शुक्रवार को कहा था कि अगर इमरान खान की सरकार ने तानाशाही जारी रखी तो पाकिस्तान से अलग होकर सिंधुदेश और पख्तुनिस्तान बन जाएगा। इसी बयान पर कुरैशी भड़क गए और कहा कि उन्हें ऐसे समय ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।

पाकिस्तान में प्रांतीय भेदभाव की लहर
कुरैशी ने शुक्रवार को सिंध के नेशनल असेंबली मेंबर्स को आग्रह किया कि वे ऐसे बयान देकर दुनिया में यह धारणा न बनाएं कि पाकिस्तान में प्रांतीय भेदभाव की लहर है। उन्होंने बिलावल पर चेतावनी देते हुए कहा ‘जो लोग पख्तुनिस्तान के बारे में बात कर रहे हैं वो बुरी तरह पिट गए और जो लोग सिंधुदेश की बात कर रहे हैं वो भी पिटेंगे। मुझे उम्मीद है कि हर सिंधी पाकिस्तान का समर्थन करेगा।’

क्या बयान था भुट्टो का
भुट्टो ने गुरुवार को इमरान सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार कराची पर कब्जे की कोशिश कर रही है। उनका यह बयान कानून मंत्री फरोग नसीम के बयान के बाद आया। फरोग ने कहा था कि कराची की हालत खराब है और इसे सुधारने के लिए सरकार संविधान के एक अनुच्छेद का सहारा लेकर शहर को अपने नियंत्रण में ले सकती है। भुट्टो ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि देश एक बार पहले टूट चुका है। इस्लामाबाद ने कुछ ऐसी ही कोशिश की थी। उन्होंने ये बात बांग्लादेश के अलगाव के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा कुछ करती है तो देश बाग्लादेश की तरह सिंधुदेश, सेराइकिदेश और पख्तुनिस्तान में बट जाएगा।

लोगों को राजनीतिक कैदी बना दिया
भुट्टो ने कहा कि एक देश चलाना क्रिकेट मैच खेलने जैसा आसान नहीं है। इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार संविधान के साथ खेल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खान ने लोगों को राजनीतिक कैदी बना दिया है और वे कराची को इस्लामाबाद से चला रहे हैं जो अस्वीकार्य है।